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गणेशव्रताचा अधिकार कोणाकोणास असतो ? गणेशमूर्तिपूजन व विसर्जनविषयक शास्त्रसंकेत कोणते ?
गणेशव्रताचा अधिकार कोणाकोणास असतो ? गणेशमूर्तिपूजन व विसर्जनविषयक शास्त्रसंकेत कोणते ? काही कारणाने गणेशमूर्तीचा अवयव दुखावल्यास त्यास परिहार कोणता ? कलियुगात गणेशोपासना शीघ्रफलदायी सांगितलेली असून ती पूजनात्मक व व्रतात्मक अशा दोन प्रकारे करता येते. पूजनात्मक गणेशोपासना ही नित्य व नैमित्तिक पद्धतींनी केली जाते. दररोजच्या पूजेतील मूर्तिस्वरूप वा पंचायतनातील नर्मद्यास्वरूप गणपतीचे पूजन हे नित्य प्रकारात, तर कोणत्याही मंगल प्रसंगी सुपारीवर अथवा नारळावर आवाहन करून होणारे गणपतीचे

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Sep 11, 20236 min read


संकष्ट नाशक चतुर्थीव्रत Sankashta Chaturthi wrat. 07/09/24
भाद्रपद शक्लपक्ष चतुर्थी पार्थिव गणेश पूजन शनिवार 7/ 09/20 23 संकष्टचतुर्थीव्रत प्रसूतीजन्य, बाल्यावस्था, मरणात्मक, नंतर यमलोकगमन या चार प्रकारच्या संकटांचा नाश करणारे व चतुर्विध पुरूषार्थ प्राप्त करून देणारे म्हणून प्रसिध्द संकष्टचतुर्थी व्रत प्रत्येकाने अवश्य आचरणात आणावे. प्रसूतिजन्य, बाल्यावस्था, मरणात्मक, और यमलोकगमन इन चार प्रकार के संकटोंका नाश करनेवाले और चतुर्विध पुरूषार्थ प्रदान कर देने वाले मशहूर संकष्टचतुर्थी व्रत को सभी भक्तोंको अवश्य धारण करना चाहिए। To avoid r

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Sep 9, 20232 min read


Ganeshotsav 2023 : This is the significance of Ganesha installation, says PANDITJIPUNE... ENGLISH
Ganeshotsav 2023 : This is the significance of Ganesha installation, says PANDITJIPUNE... Ganeshotsav 2023 : This is the significance of...

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Sep 9, 20233 min read


श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रत विधि निर्णय सिंधु
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रत विधि निर्णय सिंधु श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रत विधि निर्णय सिंधु अष्टमीचे दिवशीं विशेष विधि सांगतो - हेमाद्रीत भविष्यांत - "या जन्माष्टमीचे दिवशीं विळ वाहून अंगास लावून नयादिकांच्या खच्छ जलामध्ये स्नान करून उत्तम प्रदेशी देवकीचे सुंदर सूतिकागृह करावें, व त्यामध्ये कृष्णाची प्रतिमा (मूर्ति) स्थापावी. ती आठ प्रकारची सांगितली आहे ती अशी- सुवर्ण, रजत, ताम्र, पित्तल, मृत्तिका, वृक्ष, मणि यांची अथवा रंगांनी लिहिलेली अशी सर्व लक्षणयुक्त (कृष्णाची) प्रतिमा पत्

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Sep 6, 20232 min read


जन्माष्टमी व्रत धर्म सिंधु
जन्माष्टमी व्रत धर्म सिंधु अष्टमी दोन प्रकारची आहे. शुद्धा आणि विद्वा. दिवसास अथवा रात्रीस सप्तमीयोगरहित अशी ज्या दिवशी जितकी असेल त्या...

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Sep 6, 20236 min read


Ganeshotsav 2023 : हे आहे गणपती स्थापनेचे महत्व, PANDITJIPUNE सांगतात...(Ganesh festival 2023)
Ganeshotsav 2023 : हे आहे गणपती स्थापनेचे महत्व,PANDITJIPUNEसांगतात... वर्षभरापासून ज्यांच्या आगमनाची आपण आतुरतेने वाट पाहात असतो असे...

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Sep 6, 20232 min read


CALL PANDITJIPUNE 7875032009 PUJAS TOO COMPLEX TO ARRANGE? PANDITJIPUNE.COM YOU BOOK YOUR OWN PUJA,
CALL PANDITJIPUNE 7875032009 PUJAS TOO COMPLEX TO ARRANGE? PANDITJIPUNE.COM YOU BOOK YOUR OWN PUJA, PANDIT AND MATERIALS ONLINE. PUJAS TOO COMPLEX TO ARRANGE? PANDITJIPUNE.COM YOU BOOK YOUR OWN PUJA, PANDIT AND MATERIALS ONLINE All of us have grown up watching our grandmothers or mothers doing pujas during festivals, celebrations and other special occasions. For larger celebrations, they would call a pandit or priest home to lead the puja. They made arranging for all the ma

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Aug 24, 20233 min read


PANDITJIPUNE: Revolutionising Religious Ceremonies With Online Pandit Booking.
PANDITJIPUNE: Revolutionising Religious Ceremonies With Online Pandit Booking Innovative technologies and service availability has revolutionised religious events and rituals. From virtual puja booking to pandit booking, arranging puja samagri, etc., has transformed how you connect with spirituality and faith. Connecting with spiritual beliefs is no longer a process of time and effort; technology has made it more straightforward than ever. You can conduct many religious cerem

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Aug 24, 20235 min read


दक्षिणा विचार
दक्षिणा विचार निर्णयसिंधु: व्रत उद्यापन :ज्या व्रताला जे उद्यापन उक्त असेल ते व्रताच्या समाप्तीस करावे. जे व्रत उद्यापनविरहित ते निष्फल होते. जर उद्यापन उक्त नसेल तर त्या व्रताला योग्य असे उद्यापन करावे. वद्रव्यानुसार गोप्रदान सुवर्ण दान करावे.त्यायोगे व्रताची सांगता होते. अशक्ति असता सर्वांचाही अलाभ असेल तर यथाविधी केल्या वाचूनही ही केवळ ब्राह्मणाच्या वचनाने व्रताची सांगता होते. जो मनुष्य ब्राह्मणास दक्षिणा दिल्यावाचून ब्राह्मण वचन घेतो तो पापी होऊन नरकास जातो. वेदात व उपनिष

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Aug 7, 20231 min read


मंगळागौर
मंगळागौर या व्रताची परंपरा महाराष्ट्रासह भारताच्या अनेक भागांत आढळते.श्रावणात केले जाणारे मंगळागौरीचे व्रत म्हणजे नवविवाहितेसाठी उत्साहाची, आनंदाची पर्वणीच. समवयस्क मैत्रिणींना, नातेवाईकांना जमवणे, पूजेचे विधी, गाणी, वेगवेगळे खेळ, थट्टामस्करी, खाणेपिणे, मैत्रिणींबरोबर जागरणे या सगळ्याला स्त्रियांच्या भावविश्वात खास स्थान आहे.श्रावण हा धार्मिक व्रत-वैकल्यांचा पवित्र महिना. ‘श्रावण मासी हर्ष मानसी, हिरवळ दाटे चोहीकडे’ या कवितेतील वर्णनाप्रमाणे श्रावण हा कुंद पावसाचा मन प्रफुल्ल

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Aug 6, 20236 min read


कार्तिकी एकादशी विशेष ब्लॉग 2024 युगे अठ्ठावीस विटेवरी उभा… विठ्ठलाच्या आरतीचा नेमका अर्थ जाणून घ्या..
कार्तिकी एकादशी विशेष ब्लॉग 2024 युगे अठ्ठावीस विटेवरी उभा… विठ्ठलाच्या आरतीचा नेमका अर्थ माहीत आहे का ? आरतीमधील प्रत्येक शब्द हा विशिष्ट अर्थाने उपयोजिलेला असतो. दोन दिवसावर आलेल्या आषाढी एकादशीच्या पार्श्वभूमीवर विठ्ठलाच्या युगे अठ्ठावीस विटेवरी उभा या आरतीचा अर्थ जाणून घेणे माहितीपूर्ण ठरेल… आषाढी एकादशी असो किंवा कोणतीही पूजा विविध आरत्या हौशीने आणि भक्तिभावाने म्हटल्या जातात. आपण वर्षानुवर्षे आरत्या ऐकत आलेले असतो, त्यामुळे त्या सहजरित्या पाठ झालेल्या असतात. परंतु, या आ

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Jun 30, 20234 min read


पुंडलिक और पंढरपूर के भगवान विठ्ठल कि कहाणी (Pandharpur) Pandharpur and Vitthal
पुंडलिक और पंढरपूर के भगवान विठ्ठल कि कहाणी (Pandharpur) Pandharpur and Vitthal पुंडलिक और पंढरपूर के भगवान विठ्ठल कि कहाणी. आषाढ महिने कि एकादशी यांनी ग्यारवे दिन पंढरपूर पुहचने के लिये महाराष्ट्र और कर्नाटक के लाखो लोग एक पवित्र भावना लेकर पंढरपूर के भगवान विठोबा के दर्शन के लिये निकाल पडते हे, महाराष्ट्र मे वारकरी संप्रदाय कि अपने गाव से पंढरपूर तक जानेवाली दिंडी यांनी यात्राये हिंदू धर्म कि पवित्रता का दर्शन करती हे… आज के एपिसोड मे हम बात करेंगे पंढरपूर के भगवान विठ्ठल

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Jun 28, 20233 min read


Adipurush Meaning: आदिपुरुष कौन हैं? इसलिए होती है सत्यनारायण भगवान के साथ इनकी भी पूजा
भगवान विष्णु के 10वें अवतार राम हैं लेकिन उनको आदिपुरुष क्यों कहा जाता है। आखिर आदिपुरुष कौन है और सत्यनारायण की कथा से इनका क्या संबंध है। आइए जानते हैं, आदिपुरुष कौन हैं? इसलिए होती है सत्यनारायण भगवान के साथ इनकी भी पूजा... आदिपुरुष का मतलब क्या होता है। कौन हैं आदिपुरुष। इस सवाल का जवाब स्वयं भगवान विष्णु को भी जानना था। क्योंकि सृष्टि में जब उनका प्राकट्य हुआ था तब सृष्टि में उन्हें जल ही जल केवल नजर आ रहा था। उन्हें अपने बारे में भी कुछ पता नहीं था। भगवान विष्णु अपने आद

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Jun 16, 20232 min read


Gudhi Pujan Padava Shastrartha. गुढी पूजा अशी करा. गुढी पूजन पाडवा शास्त्रार्थ
Click the link to watch VDO https://youtu.be/QIHU46rJYzM

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Apr 1, 20223 min read


स्यमन्तक मणि की प्रामाणिक कथा...
इस दिन भूलकर भी न करें चंद्र के दर्शन,वरना लगेगा ये पाप प्रथम पूज्य श्री गणेश के प्रमुख त्योहार गणेश चतुर्थी की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस 2022 में यह व्रत ३१ अगस्त दिन बुधवार को है भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी मनाई जाएगी। इसे विनायक चतुर्थी भी कहा जाता है। इस बार 10 दिनों तक गणपति की आराधना करने के पश्चात गणपति बप्पा को विसर्जित कर दिया जाएगा। उस दिन अनंत चतुर्दशी है। गणेश चतुर्थी को लेकर कई तरह की मान्यता हैं, जिनमें एक यह भी है कि गणेश चतुर्थ

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Sep 9, 20215 min read


Shree Vishwanathaashtakam श्रीविश्वनाथाष्टकम्
श्रीविश्वनाथाष्टकम् Shiva Shri Vishwanathashtakam is composed by Sri Adi Shankaracharya. According to Hindu mythology, Varanasi was founded by Lord Shiva. The city also known as Kashi and Benaras is one of the seven sacred cities of Hindus. To the Hindus, the Ganges is a sacred river and any town or city on its bank is believed to be auspicious. But Varanasi has a special sanctity, for it is believed, this is where Lord Shiva and his consort Parvati stood when time started ti

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Aug 8, 20212 min read


Dash Mahavidya First (1)Kali The Mahavidya (Sanskrit: महाविद्या, IAST: Mahāvidyā, lit. Great Wisdoms
Mahavidya ( Sanskrit : महाविद्या, IAST : Mahāvidyā , lit. Great Wisdoms ) are a group of ten aspects of Devī in Hinduism . The 10 Mahavidyas are Kali , Tara , Tripura Sundari (Shodashi) , Bhuvaneshvari , Tripura Bhairavi , Chhinnamasta , Dhumavati , Bagalamukhi , Matangi and Kamala .The Mahavidya ( Sanskrit : महाविद्या, IAST : Mahāvidyā , lit. Great Wisdoms ) are a group of ten aspects of Devī in Hinduism . The 10 Mahavidyas are Kali , Tara , Tripura Sundari (Shodashi) ,

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Jun 22, 202122 min read


amavasya Shani Jayanti , 30 th May 2022
amavasya Shani Jayanti शनि जयंती 2023 कब मनाई जाएगी शनि जयंती? जानें तिथि, शुभ मूहूर्त और पूजा विधि इस साल ज्येष्ठ महीने की अमावस्या 19 May को है। ज्येष्ठ महीने की अमावस्या के दिन ही शनि जयंती मनाई जाती है। शनि जयंती पूजा विधि शनि जयंती के दिन सुबह स्नान करने के बाद घर के मंदिर में दीप प्रज्वलीत करें। अगर संभव हो तो इस दिन व्रत करें। शनि देव की पूजा करें। शनि देव के मंत्र का जप करें शनि चालीसा का पाठ करें। शनि जयंती के दिन शनि देव को नीले रंग के पुष्प अर्पित करने चाहिए। शनि द

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Jun 4, 20211 min read


अहिल्याबाई होल्कर जयंती ३१ मई २०२१
इस जानवर की वजह से अपने रथ से बेटे को मारना चाहती थीं महारानी अहिल्याबाई होल्कर एक बार मध्य प्रदेश के इंदौर नगर में महारानी देवी अहिल्याबाई होल्कर के पुत्र मालोजीराव का रथ निकला तो उनके रास्ते में एक नवजात बछड़ा आ गया। गाय वहीं सड़क के किनारे बछड़े से कुछ दूर खड़ी थी। बछड़ा मालोरावजी के रथ की चपेट में आकर बुरी तरह जख्मी हो गया और वहीं उसकी मौत हो गई। मालोजीराव का रथ आगे निकल गया। गाय वहीं सड़क पर बछड़े के पास आकर बैठ गई। थोड़ी देर बाद अहिल्याबाई वहां से गुजरीं। उन्होंने मृत ब

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May 29, 20212 min read


श्री नृसिंह जयंती ब्लॉग. Shree Nrusinha Jayanti Blog.
नृसिंह जयंती 4 th May 2023 Thursday. 🕉 नीरातटे कृत निकेतनम् अम्बुदाभम् प्रत्यङ्मुखं द्विभुजराजितमब्जनेत्रम्। योगासनस्थममलम् सदयावलोकम् जनुद्वयाहितकरम् नृहरिं नमामि।। वागीशा यस्य वदने लक्ष्मी यस्य च वक्षसि। यस्यास्ति ह्रदये संवित् तं नृसिंहमहं भजे।। पुण्यारण्ये नृसिंहैक नाम सिंहो विराजते। यन्नादत: महा कल्मष कुंजरा:।। स्वभक्त पक्ष पातेन तद्वक्षविदारणम्। नृसिंहमद्भूतं वन्दे परमानन्द विग्रहम्।। श्री गणेशाय नमः।। श्री सरस्वतयै नमः ।।श्री गुरुभ्यो नमः।। हिरण्याकशिपू सह अनेक दुष्ट

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May 23, 20217 min read
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