
Mahashivratri Shivpujan Nishithkal Puja Katha Importance
- Vedmata Gayatri J & D Kendra

- Feb 13, 2020
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Updated: Feb 15
Mahashivratri Shivpujan on Nishithkal midnight Abhishek Puja Katha Importance इस महीने कई अहम व्रत और त्योहार मनाएं जाएंगे। लेकिन इनमें जो सबसे अहम है, वो है महाशिवरात्रि का पर्व। ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से मनोकामना पूरी होती है। इसलिए लोग इस दिन लोग व्रत रखते हैं। भोलेनाथ के मंदिर में जाकर भगवान शिव पर जल और पुष्प अर्पण करते हैं। अगले दिन सुबह मंदिरों में भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा की जाएगी। बता दें कि हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के दिन आने वाली शिवरात्रि को सिर्फ शिवरात्रि कहा जाता है। लेकिन फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी के दिन आने वाले शिवरात्रि को महाशिवरात्रि कहा जाता है। साल में होने वाली 12 शिवरात्रियों में से महाशिवरात्रि सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। ये है मान्यता हिंदू पंचांग के मुताबिक,फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन शिव और पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। ये है कथा पौराणिक कथा के अनुसार एक बार पार्वतीजी ने भगवान शिवशंकर से पूछा, 'ऐसा कौन-सा श्रेष्ठ तथा सरल व्रत-पूजन है, जिससे मृत्युलोक के प्राणी आपकी कृपा सहज ही प्राप्त कर लेते हैं?' उत्तर में शिवजी ने पार्वती को 'शिवरात्रि' के व्रत का उपाय बताया था।




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